रविवार, 10 अप्रैल 2011

अकेलेपन में भी कुछ है जो नितांत आकर्षक है, सर्वथा सुखकर है लेकिन अफ़सोस कि उसे पा सकना अकेले के बस का नहीं |
---- कसप से
---- मनोहर श्याम जोशी

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